नमस्ते,Crypto Market Update में स्वागत है जहां हम आपको क्रिप्टो बाजार की ताजा खबरें और गहन विश्लेषण लाते हैं। आज हम भारत में Crypto Tax में बढ़ोतरी, Bitcoin और इथेरियम की कीमतों में उतार-चढ़ाव, सोलाना की बढ़ती सक्रियता, और वैश्विक Crypto Market की गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। इसके साथ ही, हम डिफाई, स्टेबलकॉइन्स, और मीम कॉइन्स जैसे विषयों को भी कवर करेंगे। तो तैयार हो जाइए एक विस्तृत और रोचक क्रिप्टो अपडेट के लिए!

भारत में Crypto Tax : 437 करोड़ का राजस्व और कानूनी
भारत सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में Crypto और वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDAs) पर 30% Crypto Tax के जरिए 437.47 करोड़ रुपये का राजस्व वसूला है। यह आंकड़ा पिछले साल (2022-23) के 270 करोड़ रुपये की तुलना में 63% अधिक है। संसद में हाल ही में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, भारतीय निवेशकों के पास अब 120 बिलियन डॉलर से अधिक की Crypto होल्डिंग्स हैं। यह भारत में क्रिप्टोकरेंसी की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है, लेकिन इसके साथ ही एक बड़ा सवाल भी उठता है—क्रिप्टो की कानूनी स्थिति।
भारत में Crypto को अभी तक पूर्ण कानूनी मान्यता नहीं मिली है। हालांकि सरकार टैक्स वसूल रही है, लेकिन नियामक ढांचे की कमी निवेशकों के बीच अनिश्चितता पैदा करती है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि Crypto को स्पष्ट कानूनी दर्जा देने से न केवल निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा, बल्कि भारत ब्लॉकचेन और डिजिटल एसेट्स के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बन सकता है। दूसरी ओर, रेगुलेटर्स Crypto से जुड़े जोखिमों, जैसे मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग, को लेकर सतर्क हैं। क्या भारत जल्द ही क्रिप्टो के लिए एक स्पष्ट नियामक ढांचा लाएगा? यह सवाल निवेशकों और उद्योग विशेषज्ञों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
Crypto Market में बिटकॉइन: रिकवरी के संकेत, लेकिन ETF आउटफ्लो का दबाव
Bitcoin (BTC), क्रिप्टो बाजार का सबसे बड़ा नाम, इस समय करीब $15,000 (लगभग 1,15,000 रुपये) के आसपास ट्रेड कर रहा है। हाल ही में अमेरिका की नई टैरिफ नीतियों के कारण बिकवाली का दबाव देखा गया, जिससे बिटकॉइन की कीमत 1,12,800 रुपये तक फिसल गई थी। लेकिन अब रिकवरी के संकेत दिख रहे हैं, और अगला रेजिस्टेंस 1,17,000 रुपये के स्तर पर नजर आ रहा है।
यूएस स्पॉट ETF (एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स) में हाल के दिनों में बिकवाली बढ़ी है, जिसके कारण बिटकॉइन की कीमतों में अस्थिरता देखी गई। जुलाई में रिकॉर्ड 12.8 बिलियन डॉलर के ETF इनफ्लो के बाद, 1 अगस्त को करीब 1 बिलियन डॉलर की निकासी दर्ज की गई। फिडेलिटी और ARK जैसे ETF में सबसे ज्यादा रिडम्पशन देखे गए हैं, जिसका असर क्रिप्टो बाजार में उतार-चढ़ाव के रूप में सामने आया है।
हालांकि, लॉन्ग-टर्म आउटलुक के लिए विशेषज्ञ अभी भी सकारात्मक हैं। अगर अमेरिकी डॉलर में कमजोरी बनी रहती है, तो बिटकॉइन की कीमतों में मजबूती देखी जा सकती है। लेकिन अगर डॉलर में उछाल आता है, तो बिटकॉइन पर दबाव बढ़ सकता है। बिटकॉइन की कीमतों पर नजर रखने वाले निवेशकों को इस सप्ताह अमेरिका के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) डेटा पर भी ध्यान देना चाहिए, जो बुधवार को जारी होगा। यह डेटा क्रिप्टो और अन्य एसेट्स की कीमतों पर सीधा प्रभाव डाल सकता है।
Ethereum: स्थिरता के साथ ETF आउटफ्लो का सामना
Ethereum (ETH) इस समय $3,970 के आसपास स्थिर बना हुआ है। बीते 24 घंटों में इसकी कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया। हालांकि, इथेरियम ETF में 150 मिलियन डॉलर का आउटफ्लो दर्ज किया गया है। इसके बावजूद, इथेरियम ने $3,900 का महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल बनाए रखा है, जो निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
Ethereum का डिफाई (Decentralized Finance) इकोसिस्टम भी चर्चा में है। कुल टोटल वैल्यू लॉक्ड (TVL) 2.1% गिरकर 79 बिलियन डॉलर पर आ गई है। फिर भी, इथेरियम डिफाई के क्षेत्र में अग्रणी बना हुआ है, और इसकी स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट तकनीक विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इथेरियम की स्थिरता और मजबूत टेक्नोलॉजी इसे लॉन्ग-टर्म निवेश के लिए आकर्षक बनाती है।
Solana: तेजी के बाद प्रॉफिट बुकिंग, लेकिन सपोर्ट मजबूत
Solana (SOL) में हाल के दिनों में खासी सक्रियता देखी गई है। यह 1.2% की गिरावट के साथ $168 पर ट्रेड कर रहा है। हाल ही में सोलाना में अच्छी तेजी देखी गई थी, लेकिन अब प्रॉफिट बुकिंग का दौर चल रहा है। फिर भी, सोलाना 50-दिन के मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है, जो तकनीकी रूप से एक मजबूत संकेत है।
Solana की लोकप्रियता का कारण इसकी हाई-स्पीड ट्रांजैक्शन क्षमता है। डिफाई एक्टिविटीज और रियल-वर्ल्ड एसेट्स (जैसे वित्तीय सेवाएं, कमोडिटी, और रियल एस्टेट का टोकनाइजेशन) में सोलाना का उपयोग बढ़ रहा है। सोलाना ने हाल ही में रियल-वर्ल्ड एसेट्स के लिए पायलट प्रोग्राम लॉन्च किए हैं, जिससे इसकी मांग और बढ़ने की उम्मीद है। बाजार की मौजूदा गिरावट के बावजूद, सोलाना को मजबूत सपोर्ट मिल रहा है, और निवेशक इसे एक आशाजनक एसेट के रूप में देख रहे हैं।
XRP: 6% का उछाल और बढ़ता ट्रेडिंग वॉल्यूम
XRP ने हाल ही में 6% का उछाल दर्ज किया और $3 के स्तर को छूने के बाद वापस $3 के आसपास ट्रेड कर रहा है। इस दौरान XRP के ट्रेडिंग वॉल्यूम में तीन गुना बढ़ोतरी देखी गई है। इंस्टीट्यूशनल निवेशकों का फ्लो भी XRP में मजबूत बना हुआ है, जो इसकी कीमतों को सपोर्ट दे रहा है।
XRP की सर्च लोकप्रियता में भी 210% की बढ़ोतरी देखी गई है, जो निवेशकों के बढ़ते उत्साह को दर्शाता है। Ripple के ब्लॉकचेन पर आधारित XRP क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट्स में अपनी उपयोगिता के लिए जाना जाता है, और इसका मजबूत प्रदर्शन निवेशकों के बीच विश्वास बढ़ा रहा है।
मिड-कैप कॉइन्स: कॉनफ्लक्स और स्टार्कनेट में तेजी
मिड-कैप कॉइन्स में कॉनफ्लक्स (Conflux) ने 14% की रैली दर्ज की है। हालांकि, इसकी ऑन-चेन एक्टिविटी कमजोर है, जिसका मतलब है कि ब्लॉकचेन नेटवर्क पर ट्रांजैक्शंस की संख्या कम है। यह जोखिम का संकेत हो सकता है, और निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
दूसरी ओर, स्टार्कनेट (Starknet) ने भी 8% से अधिक की बढ़त हासिल की है। हाल ही में स्केलेबिलिटी अपडेट और टोकन अनलॉक की खबरों के कारण इसकी कीमतों पर दबाव की संभावना है। निवेशकों को इन अपडेट्स पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि टोकन अनलॉक से सप्लाई बढ़ने पर कीमतों में गिरावट आ सकती है।
इंस्टीट्यूशनल निवेश: बुलिश का IPO और Stablecoins का बढ़ता महत्व
इंस्टीट्यूशनल निवेश Crypto Market को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रमुख निवेशक पीटर थिएल के समर्थन वाला क्रिप्टो एक्सचेंज बुलिश 4.2 बिलियन डॉलर के वैल्यूएशन के साथ अमेरिकी शेयर बाजार में IPO लाने की तैयारी कर रहा है। इसका रोड शो शुरू हो चुका है, और IPO से प्राप्त फंड्स को बुलिश यूएस स्टेबलकॉइन्स में कन्वर्ट करेगा। यह Stablecoins बाजार के लिए एक बड़ा घटनाक्रम है, खासकर तब जब अमेरिका में हाल ही में जीनियस एक्ट पास हुआ है, जो स्टेबलकॉइन्स के लिए नियामक ढांचा प्रदान करता है।
जीनियस एक्ट के लागू होने से Stablecoins को लेकर वैश्विक स्तर पर उत्साह बढ़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में कई नए स्टेबलकॉइन्स बाजार में आ सकते हैं। भारत में भी Stablecoins की मांग बढ़ रही है, और भारतीय एक्सचेंज जैसे CoinDCX ने फिएट ऑन-रैंप्स शुरू किए हैं, जिससे निवेशक सामान्य करेंसी के जरिए क्रिप्टो में ट्रेड कर सकते हैं।
डिफाई और वेब3: सोलाना और एलॉन्च की नई पहल
डिफाई और वेब3 की दुनिया में भी कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखे जा रहे हैं। सोलाना और एलॉन्च ने रियल-वर्ल्ड एसेट्स के लिए पायलट प्रोग्राम लॉन्च किए हैं, जिनका उद्देश्य वित्तीय सेवाओं और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में टोकनाइजेशन को बढ़ावा देना है। सोलाना की हाई-स्पीड ट्रांजैक्शन क्षमता इसे इन क्षेत्रों में एक मजबूत दावेदार बनाती है।
हालांकि, इथेरियम डिफाई में TVL 2.1% गिरकर 79 बिलियन डॉलर पर आ गया है। फिर भी, डिफाई का भविष्य उज्ज्वल है, क्योंकि ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग विभिन्न उद्योगों में बढ़ रहा है। वेब3 प्रोजेक्ट्स में भी निवेश बढ़ रहा है, और सोलाना और एलॉन्च जैसे प्लेटफॉर्म्स इस दौड़ में आगे हैं।
क्रिप्टो क्राइम और रेगुलेशन: वैश्विक और भारतीय
वैश्विक स्तर पर, रेगुलेटर्स क्रिप्टो से जुड़े अपराधों को रोकने के लिए कदम उठा रहे हैं। मध्य पूर्व और लैटिन अमेरिकी देश क्रॉस-बॉर्डर क्रिप्टो क्राइम को रोकने के लिए सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं। साउथ कोरिया में हाल ही में USDT से जुड़ी एक पिरामिड स्कीम के मामले में 48 मिलियन डॉलर की संपत्ति फ्रीज की गई है।
भारत में, रेगुलेटर्स ने उन विदेशी एक्सचेंजों को चेतावनी दी है जो बिना अनुपालन के रुपये में क्रिप्टो के बदले डिपॉजिट ले रहे हैं। भारतीय रेगुलेटर्स Crypto Marke को और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं, लेकिन निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
यूरोप में, डिजिटल यूरो की प्राइवेसी को लेकर नियामकों के बीच चर्चा शुरू हो गई है। यह डिजिटल करेंसी भविष्य में Crypto Marke को और अधिक मुख्यधारा में ला सकती है।
Meme Coins : हाई रिस्क, हाई रिवॉर्ड
Meme Coins जैसे Dogecoin और Shiba Inu सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हैं। ये क्रिप्टोकरेंसीज इंटरनेट मीम्स और वायरल ट्रेंड्स से प्रेरित होती हैं, और इनका कोई खास तकनीकी उपयोग नहीं होता। फिर भी, FOMO (Fear of Missing Out) के कारण इनकी कीमतें अचानक बढ़ सकती हैं। उदाहरण के लिए, 2021 में Dogecoin ने 20,000% की रैली दर्ज की थी, लेकिन बाद में 90% से अधिक गिर गया। Shiba Inu में भी हजारों प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद भारी गिरावट देखी गई।
Meme Coins में निवेश जोखिम भरा हो सकता है, और निवेशकों को इनमें निवेश से पहले पूरी जानकारी लेनी चाहिए। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अपने पोर्टफोलियो का केवल एक छोटा हिस्सा ही Meme Coins में निवेश करें।
क्रिप्टो एक्सचेंज अपडेट्स: मेटाप्लैनेट और CoinDCX
जापान की मेटाप्लैनेट कंपनी ने 17,595 बिटकॉइन का भंडार जमा कर लिया है, जिससे यह एशिया में सबसे बड़ी बिटकॉइन होल्डिंग वाली कंपनी बनने की दिशा में अग्रसर है। यह कंपनी जापान में खासी चर्चा में है और बिटकॉइन को अपने ट्रेजरी एसेट के रूप में अपनाने वाली पहली प्रमुख कंपनियों में से एक है।
भारत में, CoinDCX ने सिक्योरिटी से जुड़े मामलों को सुलझाने के बाद फिएट ऑन-रैंप्स शुरू किए हैं। इससे भारतीय निवेशक सामान्य करेंसी के जरिए आसानी से क्रिप्टो में ट्रेड कर सकते हैं। भारतीय एक्सचेंजों पर AT कॉइन का ट्रेडिंग वॉल्यूम 16% बढ़ा है, जो रिटेल निवेशकों के बढ़ते उत्साह को दर्शाता है।
अगले 24 घंटों का आउटलुक
क्रिप्टो ETF से बढ़ती निकासी और BTC और ETH ऑप्शंस की एक्सपायरी के कारण अगले 24 घंटों में बाजार में उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है। स्टार्कनेट और अपटोस जैसे मिड-कैप टोकन्स के अनलॉक होने से भी कीमतों पर दबाव पड़ सकता है। इसके अलावा, अमेरिका का CPI डेटा क्रिप्टो और अन्य एसेट्स की कीमतों पर असर डाल सकता है।
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार की गतिविधियों पर नजर रखें और जोखिम प्रबंधन पर ध्यान दें। क्रिप्टो बाजार में सेंटीमेंट पॉजिटिव लेकिन सतर्क है, और रेगुलेटरी बदलावों का असर भी देखा जा सकता है।
निष्कर्ष
Crypto Market में उत्साह और अनिश्चितता का मिश्रण देखा जा रहा है। भारत में बढ़ता टैक्स राजस्व और क्रिप्टो होल्डिंग्स निवेशकों की रुचि को दर्शाते हैं, लेकिन कानूनी अस्पष्टता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। बिटकॉइन और इथेरियम जैसे प्रमुख कॉइन्स स्थिरता और वोलेटिलिटी के बीच संतुलन बना रहे हैं, जबकि सोलाना और XRP जैसे कॉइन्स मजबूत प्रदर्शन दिखा रहे हैं। डिफाई, स्टेबलकॉइन्स, और वेब3 की दुनिया में नई संभावनाएं उभर रही हैं, लेकिन Meme Coins जैसे जोखिम भरे एसेट्स में सावधानी बरतना जरूरी है।
हम उम्मीद करते हैं कि यह विस्तृत अपडेट आपको Crypto Marke की गतिविधियों को समझने में मदद करेगा। अगले अपडेट के साथ हम फिर मिलेंगे। तब तक, सतर्क रहें और स्मार्ट निवेश करें!
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे वित्तीय सलाह नहीं माना जाना चाहिए। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश जोखिम भरा है, और पूंजी हानि हो सकती है। निवेश से पहले स्वतंत्र शोध करें और योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें। लेख में दी गई जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और इसकी सटीकता की गारंटी नहीं है। निवेश के निर्णय की जिम्मेदारी पूर्णतः पाठक की है।
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